ज्योतिष में नौ ग्रहों की विवेचना की गई है। ये ग्रह हैं, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु। सूर्य ग्रह को संसार की आत्मा कहा गया है। मनुष्य के शरीर में रहने वाली आत्मा सूर्य ही है। चंद्र ग्रह मन और माता दुर्गा का प्रतीक है। मंगल ग्रह को वीरता व रक्त का प्रतीक मानने के साथ-साथ पवन पुत्र हनुमान जी का स्वरूप भी माना गया है।
इसी तरह बुध ग्रह भगवान गणेश जी स्वरूप है, जो बुद्धि एवं व्यापार का प्रतीक हैं। बृहस्पति ग्रह को ज्ञान के अधिष्ठाता और भगवान विष्णु जी का स्वरूप माना गया है। शुक्र ग्रह ज्ञान की देवी माता सरस्वती का स्वरूप हैं जिन्हें संगीत, काव्य, श्रृंगार एवं कामकला का प्रतीक माना गया है। शनि ग्रह भगवान शंकर का स्वरूप हैं, जो धन प्रदाता और शरीर में लौह तत्व का कारक हैं। राहु और केतु के छाया ग्रह होने से इनके प्रतीक का वर्णन नहीं मिलता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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