शुक्र ग्रह के नीच राशि में होने, शत्रु राशि या शत्रु ग्रह से युति होने पर मनुष्य डायबिटीज, नेत्र रोग, हिस्टीरिया, कुंठित बुद्धि, गुप्त रोग, गर्भाशय के रोग, नपुंसकता, नासूर, नकसीर, मूत्र रोग, दांतों में दर्द, टिटनेस, प्रदर रोग आदि से पीड़ित हो सकता है।
शुक्र ग्रह जनित रोगों से बचाव के लिए शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से आरंभ करते हुए 'ऊं ह्रीं श्रीं शुक्राय नम:' अथवा 'ऊं द्रां द्रीं द्रौं शुक्राय नम:' मंत्र का जप प्रतिदिन करना चाहिए। साथ ही स्नान करते समय पानी में केसर या जायफल डाल लेना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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