गुरुवार, 15 जुलाई 2021

अशुभ शनि से होने वाले रोग और निदान

 शनि ग्रह को कर्मों का दंडाधिकारी माना गया है। शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव से मनुष्य में पैरालाइसिस, मिर्गी, हाथ, पैर व शरीर में कंपन, गठिया, कमर दर्द, कैंसर, वातोदर, पेट दर्द व पेट में कीड़े, टीबी, शरीर में सूजन, कुष्ठ रोग, त्वचा में फोड़ा, फुंसी व घाव, विष बाधा, मानसिक या स्नायु संबंधी रोग हो सकते हैं। 

  शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए 'ऊं ऐं ह्रीं श्रीं शनैश्चराय नमः' या 'ऊं शं शनिश्चराये नमः' मंत्र के साथ सूर्य देव के मंत्र 'ऊं ह्रीं घृणि: सूर्य आदित्य श्रीं' मंत्र का जप व ध्यान करना चाहिए। मिर्गी के रोगी को सूर्य की होरा में जायफल में सूराख करके लाल डोरा डालकर गले में पहनाने से लाभ मिलता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश

 Please Subscribe, Share & Like Our YouTube Channel 'Newsline Nation'::Pramod Kumar Agrawal