मंगलवार, 13 जुलाई 2021

नवग्रहों की विंशोत्तरी महादशा की अवधि

    ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों का वर्णन किया गया है। मनुष्य के जीवन काल में सभी ग्रह एक निश्चित क्रम से अपने-अपने समय का भोग करते हैं। ग्रहों का यह भोग काल विंशोत्तरी महादशा कहलाता है। विंशोत्तरी दशा से मनुष्य के भविष्य के बारे में अनुमान लगाकर बताया जा सकता है। 

    सभी ग्रहों की महादशा भोग का क्रम और समय निश्चित होता है जो इस प्रकार है: सूर्य की महादशा 6 वर्ष, चंद्रमा की महादशा 10 वर्ष, मंगल की महादशा 7 वर्ष, राहु की महादशा 18 वर्ष, बृहस्पति की महादशा 16 वर्ष, शनि की महादशा 19 वर्ष, बुध की महादशा 17 वर्ष, केतु की महादशा 7 वर्ष और शुक्र की महादशा 20 वर्ष रहती है। --प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा

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