मकान बनवाते समय उसमें नीम, आम, गूलर, पाकड़, बहेड़ा, सेहुड़, सहजन, कैथ, पीपल, ताड़, इमली, अगस्त, कांटेदार और जले हुए वृक्ष की लकड़ी का उपयोग नहीं करना चाहिए। समरांगण ग्रंथ में ऐसा करना निंदनीय माना गया है।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा
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