वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्व दिशा में ज़मीन का ऊंची होना पुत्र संतान के लिए घातक होता है। वहीं दक्षिण-पूर्व दिशा यानि आग्नेय कोण में ज़मीन के नीची होने से धन की बरबादी होती है। दक्षिण दिशा में ज़मीन के ऊंची होने से महिला सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। दक्षिण-पश्चिम दिशा यानि नैऋत्य कोण में ऊंची ज़मीन धन-धान्य में वृद्धि करने वाली मानी गई है। वहीं पश्चिम दिशा में ऊंची ज़मीन पुत्र संतान प्राप्ति में शुभ फलदायी होती है।
उत्तर-पश्चिम दिशा यानि वायव्य कोण में ज़मीन के ऊंची होने से धन की हानि होती है। जबकि उत्तर-पूर्व दिशा यानि ईशान कोण में ऊंची ज़मीन घर-परिवार में कलह कराती है। सुख, समृद्धि और शांति के लिए यह आवश्यक है कि निर्माण कराते समय दिशा के अनुसार ज़मीन को ऊंची या नीची रखने पर अवश्य ध्यान दिया जाए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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