आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (डीबीआरएयू) से संबद्ध जिन महाविद्यालय में बीएड पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है, वहां अब शैक्षिक सत्र 2026-27 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इसके लिए बीएड की पढ़ाई में एआई आधारित पाठ्यक्रम तैयार कर लागू किया जाएगा।
पूर्व बीएड कमेटी के सदस्य और आरबीएस कॉलेज शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर बसंत सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में तेजी से बढ़ती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यापक उपयोग को देखते हुए बीएड में नए सत्र के एआई आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें बीएड के सभी विषयों में एआई के माध्यम से लेसन प्लानिंग, शिक्षण सामग्री निर्माण, व्यक्तिगत शिक्षण, मूल्यांकन, माइक्रो टीचिंग और शोध कार्य को शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एआई के प्रयोग से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होगा, जिसमें व्यक्तिगत, सामाजिक और तकनीकी विकास के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। मल्टीमीडिया, मल्टी अप्रोच और एआई आधारित कक्षाओं के माध्यम से बीएड के विद्यार्थियों को भविष्य की डिजिटल शिक्षा प्रणाली के लिए तैयार किया जाएगा। विश्वविद्यालय से पाठ्यक्रम बनाने की अनुमति मिल गई है।
प्रोफेसर बसंत में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पाठ्यक्रम की खासियत में आधुनिक शिक्षण प्रक्रिया, समय की बचत, रोचक और इंटरेक्टिव शिक्षण, डिजिटल शिक्षा और शोध नवाचार को बढ़ावा देना शामिल है। शैक्षिक सत्र 2026-27 में एमएड की तरह बीएड में भी सेमेस्टर प्रणाली लागू हो जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर ओमप्रकाश ने लिखित आदेश जारी कर दिया है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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