प्रमोद कुमार अग्रवाल
सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिला घोषित करने के लिए आगरा में 17 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों ने सर्वे के बाद अपनी रिपोर्ट दे दी है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने 5-ई मॉडल से दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जोर दिया है। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। इनमें आगरा भी शामिल है। यहां के यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे के अलावा अन्य राजमार्ग पर भी हादसे होने की खबर मिलती हैं। इन्हें रोकने के लिए कवायद तेज कर दी गई है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि 212 स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इनमें संबंधित विभागों कई मदद से आवश्यक उपाय किए जाएंगे, जिससे सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने बताया कि ज्यादातर सड़क हादसे रोड इंजीनियरिंग में खामी, वाहनों में तकनीकी कमी, पर्यावरणीय स्थिति और मानव त्रुटि जैसे लापरवाही से वाहन चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने, शराब पीकर वाहन चलाने आदि के कारण होते हैं। इसको देखते हुए जरूरी उपाय किए जाने आवश्यक हैं ।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि 5-ई मॉडल में रोड इंजीनियरिंग, एजुकेशन एंड अवेयरनेस, एनफोर्समेंट, इमरजेंसी चिकित्सा और एनवायरनमेंट एवं एवाल्यूशन को अपनाया जा रहा है। रोड इंजीनियरिंग में बदलाव किया जाएगा। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ ही नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना होने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे। दुर्घटना के कारणों का डाटा और विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। इसके अलावा सड़कों पर जरूरी उपकरण लगाने पर भी जोर दिया गया है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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