प्रमोद कुमार अग्रवाल
इंटीग्रेटेड योजना के तहत आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मिनी एम्स की सुविधाएं विकसित हो रही हैं। इसमें 130 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बन रही है। यह 15 महीने में तैयार हो जाएगी। इसमें फेफड़ों के कैंसर, निमोनिया, अस्थमा, टीवी समेत सीने से संबंधित सभी गंभीर बीमारियों का इलाज होगा। फेफड़ों की सर्जरी के साथ ट्रांसप्लांट की सुविधा भी होगी। मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के मरीजों का आइसोलेशन कक्षों में इलाज होगा।
प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इंटीग्रेटेड योजना में कॉलेज में मिनी एम्स की सुविधाएं विकसित होने के बाद आगरा एवं आसपास के मरीजों को मिनी एम्स की सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। अगले साल दिसंबर तक इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। विशेषज्ञों की नियुक्ति करने के बाद मरीजों के लिए सेवाएं शुरू कर दी जाएगी। अभी सर्जरी विभाग में संचालित वक्ष एवं क्षय रोग विभाग भी इसी में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
प्राचार्य ने बताया कि लेडी लॉयल परिसर में 130 बेड की 10 मंजिला इमारत का निर्माण हो रहा है। इसमें एमडीआर टीबी के मरीजों के लिए 25 कमरे बनवाए जा रहे हैं। यह आइसोलेट होंगे, इससे अन्य कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं होगा। निमोनिया, अस्थमा, सांस रोगियों समेत सीने की अन्य बीमारियों के मरीजों के लिए 25 बेड का वार्ड बन रहा है।
टीबी के मरीजों के लिए 50 बेड के वार्ड होंगे। इसमें चार ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसमें फेफड़ों में कैंसर समेत अन्य की सर्जरी हो सकेगी। भविष्य में फेफड़े के ट्रांसप्लांट की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इसमें 30 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट होगी, जिसमें सीने के गंभीर रोगियों का उपचार होगा। इसमें वेंटीलेटर समेत अन्य जीवन रक्षक उपकरणों की सुविधा होगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)