प्रमोद कुमार अग्रवाल
सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही छोटे बच्चों में निमोनिया जैसी जटिल बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए मां का दूध प्राकृतिक सुरक्षा कवच है, जो बच्चों को निमोनिया के अलावा विभिन्न संक्रमणों से भी बचाता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राम क्षितिज शर्मा ने बताया कि स्तनपान बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। स्तनपान से बच्चों में निमोनिया जैसी बीमारियों की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाती है। सर्दी के मौसम में बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों के साथ निमोनिया के मामले भी बढ़ जाते हैं।
डॉक्टर शर्मा ने बताया कि निमोनिया के लक्षणों में तेजी से सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई होना, लगातार खांसी, तेज बुखार, छाती में दर्द या पसलियों का तेज चलना, त्वचा का नीला पड़ना देखे जा सकते हैं। बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए निर्धारित समय अंतराल पर टीका लगवाएं, तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें, उपचार में लापरवाही ना बरतें और बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं। इसके अलावा बच्चों को ठंडे खाद्य पदार्थ न दें। समय पर निमोनिया की पहचान और सही इलाज से इस बीमारी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।(न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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