सोमवार, 16 सितंबर 2024

दक्षिण दिशा में सिर करके सोएं

 वास्तु शास्त्र में माना गया है कि मनुष्य का सिर उत्तरी ध्रुव, जबकि पैर दक्षिणी ध्रुव होते हैं। इसलिए अच्छी नींद और बेहतर स्वास्थ्य के लिए सदैव दक्षिण दिशा की तरफ सिर करके सोने की सलाह दी जाती है। 

   इसी अवधारणा पर आधारित है भगवान के चरणों में सिर रख कर पूजा करना। भगवान के चरण भी दक्षिणी ध्रुव होते हैं। जब भगवान के चरणों में सिर नवाते हैं तो मनुष्य के शरीर की नकारात्मक उर्जा समाप्त होने लगती है तथा सकारात्मक ऊर्जा का सतत प्रवाह होने से शरीर के अंदर छुपे हुए समस्त विकार दूर हो जाते हैं। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं लेखक, आगरा। 

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