जगह की कमी व मकान की समस्या को देखते हुए आजकल एक या दो कमरों के छोटे मकान व फ्लैट प्रचलन में हैं, जिनमें वास्तु नियमों के अनुसार सभी व्यवस्थाएं होना असंभव है. ऐसी दशा में अगर उस मकान को पूर्ण वास्तु मानते हुए वहां की साज-सज्जा वास्तु नियमों के अनुरूप की जाए तो निश्चय ही वहां रहने वाले सुखी, संपन्न व निरोगी बने रह सकते हैं.
इसके लिए चूल्हा आग्नेय कोण में, आलमारी व भारी सामान नैरुत्य कोण में, पानी से भरे बर्तन व पूजाघर ईशान कोण, उत्तर या पूर्व में, पूर्वजों की तस्वीर दक्षिण दीवार पर, घड़ी पूर्व, उत्तर या पश्चिम दीवार पर तथा सोने की व्यवस्था दक्षिण या पश्चिम दिशा में की जा सकती है.-- प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं लेखक, आगरा।
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