बुधवार, 18 सितंबर 2024

वास्तु नियमों के अनुसार कोण की स्थिति

  वास्तु शास्त्र में दिशाओं के साथ-साथ कोण या विदिशाओं का भी अपना महत्व है। दो दिशाओं के मिलने का स्थान कोण कहलाता है। वास्तु नियमों के अनुसार भवन में सभी कोण समकोण यानि 90° के होने चाहिए। 

   किसी भी कोण के विकृत या कटा होने से वहां रहने वालों में धन व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के अलावा आपसी कलह व संतान हानि की संभावना बनी रहती है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं लेखक, आगरा। 

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