@ भवन की उत्तर-पूर्व दिशाओं के मध्य की दिशा ईशान कोण कहलाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा के स्वामी भगवान शिव होने से यह दिशा सबसे पवित्र मानी जाती है। बुद्धि, ज्ञान, विवेक, धैर्य, साहस, धन व संतान सुख, सुख-समृद्धि आदि प्राप्त करने के लिए ईशान कोण में मंदिर स्थापित करके पूजा करना श्रेष्ठ होता है।
@ भगवान शिव को प्रसन्न करने और मनवांछित फल पाने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा अथवा ईशान कोण की तरफ चेहरा करके "ऊँ नम: शिवाय" का उच्चारण करते हुए शिव लिंग पर गंगा जल, बेलपत्र,धतूरा आदि अर्पित कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए और शुद्ध घी का दीपक प्रज्ज्वलित करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं ज्योतिष-वास्तु लेखक, आगरा।
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