मंगल ग्रह के नीच में होने, शत्रु राशि में होने अथवा पाप ग्रह से संबंधित होने पर मनुष्य में हाई ब्लडप्रेशर, एक्सीडेंट, त्वचा रोग, पाइल्स, पित्तजन्य विकार, रक्तविकार, जल जाना, कुष्ठ, लकवा, एसिडिटी, यकृत एवं प्लीहा से जुड़े आदि रोग हो सकते हैं।
मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए मनुष्य को प्रतिदिन दक्षिण मुखी हनुमान जी के सामने लाल आसन पर बैठकर 'ऊं अं अंगारकाय नम:', ऊं स: भौमाय नम:' अथवा 'ऊं भौं भौमाय नम:' मंत्र का जप करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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