गुरुवार, 8 जुलाई 2021

व्यापार में नुकसान का ये भी हो सकता है कारण

 अक्सर देखने में आता है कि बहुत से व्यापारी पर्याप्त पूंजी की व्यवस्था करके उद्योग अथवा फैक्ट्री लगा लेते हैं और जी तोड़ मेहनत करते हैं, परंतु अथक प्रयासों के बावजूद अपेक्षित लाभ मिलने के बजाय व्यापार में नुक्सान होता रहता है या फिर व्यापार में बाधाएं व समस्याएं आती रहती हैं। अन्य कारणों के साथ-साथ उद्योग या फैक्ट्री के निर्माण, मशीनरी, तैयार माल आदि की व्यवस्था में वास्तु नियमों की अनदेखी भी होने वाले नुक्सान या घाटे का एक कारण हो सकती है। 

 फैक्ट्री या उद्योग जिस भूखंड पर लगाया जाए, उसके चारों ओर बनी बाऊंड्रीवाल पश्चिम एवं दक्षिण की तुलना में पूर्व और उत्तर दिशा की तरफ नीची होनी आवश्यक है। वहीं भूखंड का ईशान कोण न तो कटा हुआ होना चाहिए और न ही वहां किसी तरह का भारी सामान रखा जाना चाहिए। व्यवसाय स्थल पर ईशान कोण में पानी की व्यवस्था करना ठीक रहता है, परंतु ओवरहेड पानी की टंकी सदैव नैऋत्य कोण में ही रखना आवश्यक है।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 



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