जन्म कुंडली के विश्लेषण के बाद कुछ व्यक्तियों को ज्योतिषविद् रत्न धारण करने की सलाह देते हैं। रत्न धारण करते समय ध्यान रखने योग्य बात यह है कि रत्न खंडित, चोरी किया हुआ, किसी से छीना हुआ, मुफ्त में मिला या किसी से उतरवा कर लिया हुआ नहीं होना चाहिए। रत्न को उससे संबंधित धातु के साथ सही अंगुली में ही धारण करना शुभ होता है। मंहगे रत्न की जगह उप रत्न भी धारण किए जा सकते हैं।
रत्न को अंगूठी, लॉकेट, ब्रेसलेट आदि किसी भी तरह से धारण कर सकते हैं, लेकिन रत्न का कुछ हिस्सा त्वचा से अवश्य स्पर्श करते रहना चाहिए। विधि पूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ रत्न धारण करने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद को धन, वस्त्र, अनाज, फल अथवा उपयोग की वस्तु का दान करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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