बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

मनुष्य में हो सकता है त्रिगुण प्रभाव

श्री मद्भभगवतगीता में मनुष्य के तीन गुणों, सत्त्वगुण, रजोगुण और तमोगुण का उल्लेख मिलता है। सत्त्वगुण से ज्ञान व सुख, रजोगुण से लोभ, अशांति व द्वेष और तमोगुण से मोह, आलस्य, निद्रा, अंधकार व गलत मार्ग की तरफ जाने की प्रवृत्ति विकसित होने लगती है। 

   हमारे सौर मंडल में मौजूद ग्रहों में भी इन्हीं गुणों की प्रवृत्ति होने से ये ग्रह मनुष्य की प्रकृति का निर्धारण करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य, चंद्र व बृहस्पति ग्रह सत्त्वगुणी, बुध व शुक्र ग्रह रजोगुणी तथा मंगल व शनि ग्रह तमोगुणी प्रवृत्ति के होते हैं।

   मनुष्य में ये तीनों गुण अलग-अलग अथवा मिश्रित स्वरूप में देखने को मिलते हैं। गर्भाधान के समय इन ग्रहों में से जो ग्रह बली रहते हैं, वे ही ग्रह अपनी प्रवृत्ति के अनुसार मनुष्य के जीवन के स्वरूप को बनाने में सहयोग करते हैं। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को चाहिए कि वह स्वयं सभी के कल्याण के लिए सत्त्वगुणी बनने के लिए प्रयासरत रहे। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट इलाहाबाद के महत्वपूर्ण आदेश

 Please click, subscribe and share our YouTube Channel 'Newsline Nation' : Pramod Kumar Agrawal