मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

आत्महत्या की वजह कहीं वास्तु दोष तो नहीं

आर्थिक नुकसान, गंभीर बीमारी, रोजगार न मिलना, प्यार में धोखा, मान सम्मान में दाग लगना, परिवार में कलह जैसी बहुत सी बातें आत्महत्या की वजह हो सकती हैं। लेकिन इसके अलावा भवन में वास्तु दोष भी परिवार के किसी सदस्य द्वारा आत्महत्या किए जाने का कारण हो सकता है। 

    भवन में उत्तर-पूर्व (ईशान) कोण, दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) कोण और दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) कोण दोषपूर्ण नहीं होने चाहिए, अन्यथा यहां बने कमरे में रहने वाले सदस्य मानसिक अवसाद, अशांति, तनाव, चिंता, उदासी, पागलपन आदि का शिकार हो सकते हैं।जब ये लक्षण जब उग्र रूप ले लेते हैं तो व्यक्ति आत्महत्या करने की कोशिश कर सकता है।

   भवन में उत्तर-पूर्व कोण का खुला व स्वच्छ रहना, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में हल्का वजनदार सामान रखना, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र का ऊंचा व भारी होना, ब्रह्म स्थान स्वच्छ व खाली, दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व दिशा में किसी प्रकार का कोई गड्ढा, कुंआ या भूमिगत जल स्रोत का न होना शुभ माना जाता है। ऐसे भवन में रहने वाले लोग मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं और विषम परिस्थिति आने पर भी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाते। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

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