अपने सुधी पाठकों के अनुरोध पर बिना तोड़ फोड़ किए भवन के वास्तु दोष के अशुभ असर को कम करने हेतु एक आसान उपाय दिया जा रहा है. हमें विश्वास है कि पूर्ण श्रृद्धा और विश्वास के साथ किया गया उपाय सकारात्मक फल अवश्य देगा.
तांबे के एक पिरामिड आकार के हवन कुंड में प्रात: सूर्योदय और सांय सूर्यास्त के समय गाय के गोबर से बने कंडे के कुछ टुकडे कपूर एवं गाय का शुद्ध घी डाल कर जलाएं. धूंआ बंद होने पर परिवार के सभी सदस्यों द्वारा एक साथ मिलकर थोडी हवन सामग्री, चावल और गाय के घी की पांच बार आहुति देते हुए अपने इष्ट देव और सूर्य, विष्णु, कुबेर, यम, वायु एवं चन्द्र देवता से समस्त दोषों को दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिए.-- प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु सलाहकार और लेखक, आगरा
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