गुरुवार, 19 सितंबर 2024

सही दिशा में लगा नल देता है शुभ प्रभाव

@ समस्त घरों में पानी की आपूर्ति के लिए नल और पानी की टंकी अथवा टैंक लगवाये जाते हैं. वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में सही दिशा में लगाया गया नल शुभ प्रभाव देने के साथ-साथ धन की समस्या को भी दूर करता है. जिन घरों में वास्तु के नियमों के विपरीत नल, पानी की टंकी, बोरिंग आदि लगे होते हैं, उनमें कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है.

@ वास्तु के अनुसार घर की पूर्व दिशा में नल या पानी की टंकी लगवाने से घर के मालिक के मान-सम्मान और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है. इसी प्रकार घर की उत्तर दिशा में पानी का स्त्रोत अत्यंत लाभदायक और धन लाभ कराने वाला माना गया है. 

@ घर के ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा में नल, पानी की टंकी या बोरिंग लगवाने से शुभ प्रभाव मिलने के साथ ही आर्थिक उन्नति के भरपूर अवसर भी मिलने लगते हैं. वहीँ घर की पश्चिम दिशा में नल या पानी का स्त्रोत रखने से उस घर के सदस्यों को मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं से जूझना पड़ सकता है. 

@ घर की दक्षिण दिशा में नल या पानी का स्त्रोत रखने से तरह-तरह के कष्टों का सामना करने की संभावनाएं बनी रहती हैं. विशेषकर घर की महिलाओं को ज्यादा कष्टों का सामना करना पड़ सकता है. 

@ दक्षिण-पूर्व दिशा में नल या पानी का कोई भी स्त्रोत होने से घर के मालिक के पुत्रों में विवाद रहता है, जबकि दक्षिण-पश्चिम दिशा में नल आदि होने से घर के सदस्यों को मृत्युतुल्य कष्ट मिलता है. घर के मध्य भाग में कोई कुंआ या पानी का भंडारण नहीं होना चाहिए।ऐसा होने से घर में बीमारियाँ, कलह और अर्थाभाव देखने को मिलता है. 

@ घर में लगे सभी नलों की उचित देख-रेख भी आवश्यक है. इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि घर में लगे किसी भी नल से पानी न टपकता हो. नलों से पानी का टपकना एक प्रकार का वास्तु दोष ही है. इसके कारण घर के मुखिया की आय कम होने लगती है, जबकि घर के खर्चे अधिक हो जाते हैं.  

@ घर में सुख, शांति और समृद्धि के लिए नल और पानी के समस्त स्त्रोतों को वास्तु के अनुसार सही दिशा में ही रखा जाना चाहिए। --प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं लेखक, आगरा। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश

 Please Subscribe, Share & Like Our YouTube Channel 'Newsline Nation'::Pramod Kumar Agrawal