@ वास्तु शास्त्र के अनुसार घरों में उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशाओं में घास या छोटे पौधे लगाए जा सकते हैं। जलीय व ठंडक देने वाले पौधे दक्षिण व दक्षिण-पूर्व दिशा में लगा सकते हैं। जबकि बड़े वृक्षों के लिए दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा श्रेष्ठ मानी गई है।
@ घरों में काम न आने वाले सामान को कबाड़ घर में रखा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कबाड़ घर हमेशा दक्षिण-पश्चिम विदिशा (नैऋत्य कोण) में या उसके नज़दीक ही बनाना चाहिए। उत्तर व पूर्व दिशा, ईशान कोण या आग्नेय कोण में भूल कर भी कबाड़ नहीं रखना चाहिए। कबाड़ घर में सोना, पूजा घर बनाना और दीवारों पर देवी-देवता की तस्वीर लगाना दोषपूर्ण होता है।
@ किसी भी भवन में दक्षिण दिशा की तुलना में उत्तर दिशा में अधिक खाली जगह छोड़नी चाहिए। इसी तरह पश्चिम दिशा की अपेक्षा पूर्व दिशा में भी अधिक खाली जगह छोड़नी चाहिए। इसके विपरीत होने पर वास्तु दोष होता है और इससे जीवन में समस्याएं और कष्ट का सामना करना पड़ता है।-प्रमोद कुमार अग्रवाल, लेखक एवं सलाहकार, आगरा
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