पचास वर्ष पूरे करने के बाद शरीर में बहुत सी बीमारियों का आगमन होने लगता है जैसे, डायबिटीज, जोडों में दर्द, पाचन शक्ति की कमजोरी, याददाश्त में कमी, इम्यूनिटी की कमी, लिवर एवं मूत्राशय संबंधी समस्याएं आदि।
आयुर्वेद के अनुसार अगर संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग, प्राणायाम, व्यायाम आदि पर ध्यान दिया जाए और फास्ट फूड, मैदा से बने खाद्य पदार्थ, कोल्डड्रिंक, डिब्बा बंद आहार, अधिक वसायुक्त तला-भुना भोजन, शराब, तंबाकू, गुटका या अन्य नशीली वस्तुओं के सेवन से परहेज किया जाए तो शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को काफी हद तक बनाए रखा जा सकता है।
पचास वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए अपने आहार में ज्यादा से ज्यादा हरी तरकारी, ताजा फल, सूखे मेवे, गुड़, शहद, आंवला आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से अपने आहार में शकरकंदी, चुकंदर, बैंगन, अदरक, राजमा, काबुली चने, ब्रोकली और फूलगोभी को भी अवश्य शामिल करना चाहिए। इनके सेवन से शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बने रह सकता है। --© प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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