बुधवार, 7 फ़रवरी 2024

गैरकानूनी अंतर धार्मिक विवाह करने वालों को सुरक्षा नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू-मुस्लिम जोडों की ओर से सुरक्षा की मांग करने वाली आठ याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि कानून की उचित प्रक्रिया के बिना की गई शादी उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 के विरुद्ध है। इसलिए ऐसे जोडों को न्यायालय से सुरक्षा नहीं दी जा सकती। 

    न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने कहा कि गलत बयानी, बल, धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव और प्रलोभन द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में रूपांतरण 2021 में पारित कानून के विरुद्ध है। यदि याची कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद शादी कर लेते हैं तो वे नए सिरे से सुरक्षा की मांग वाली याचिका दाखिल कर सकते हैं। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)

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