आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। एंटीबायोटिक दवाओं की ओवरडोज कई दूसरी बीमारियों की वजह बन सकती है। यहां तक कि महिलाओं द्वारा अपनी मर्जी से एंटीबायोटिक दवाओं के कारण गर्भस्थ शिशुओं में भी संक्रमण होने की संभावना रहती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अंकुर बंसल ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं की ओवरडोज और बिना जरूरत के प्रयोग से संक्रमण बढ़ता है। इससे गर्भस्थ शिशुओं में भी विकार मिल रहे हैं। शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। कम वजन, निमोनिया, टाइफाइड, रक्त संक्रमण जैसी परेशानियां हो रही हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉक्टर विकास गुप्ता ने बताया कि एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड की ओवरडोज से फंगल इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा है। किडनी, लिवर, आंख, दिमाग और हृदय पर ज्यादा दुष्प्रभाव दिखाई देता है। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में खुद की डॉक्टरी से दवाओं का सेवन नहीं करें, बल्कि योग्य एवं प्रशिक्षित डॉक्टर से ही इलाज कराएं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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