आग्नेय कोण यानि दक्षिण-पूर्व विदिशा में पानी का स्रोत नहीं होना चाहिए। यह एक ऐसा वास्तु दोष है जिसके कारण दांपत्य जीवन में तनाव बना रहता है।
इस दोष से बचने के लिए आग्नेय कोण से पानी की पाइप लाइन उत्तर पूर्व विदिशा (ईशान कोण) अथवा उत्तर दिशा की तरफ ले जाकर वहां से घर के अंदर पानी की सप्लाई देनी चाहिए।
आग्नेय कोण में विद्युत एवं अग्नि से संबंधित उपकरण जैसे इंवर्टर, विद्युत मीटर, इलेक्ट्रिक फर्नेस, जनरेटर, बिजली या कोयले से संचालित होने वाली मशीने आदि स्थापित करनी चाहिए। -- आचार्य प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु लेखक एवं सलाहकार, आगरा।
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