बुधवार, 16 जून 2021

बंद न करें पूर्व दिशा को

 वास्तु शास्त्र में पूर्व दिशा को अग्नि तत्व वाली माना गया है। यह दिशा पितृ स्थान भी कहलाती है। इसलिए इस दिशा को हमेशा खुला व स्वच्छ रखना चाहिए। इस दिशा के बंद करने से शारीरिक व मानसिक रोग, मान-सम्मान को हानि, बनते कार्यों में रुकावट, पितृ दोष और कर्जा चढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

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