बुधवार, 16 जून 2021

आध्यात्मिक जीवन के लिए ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य

हमारे देश में प्राचीन काल से ही ब्रह्मचर्य का पालन करने पर जोर दिया गया है। ज्ञान की वैदिक पद्धति में तो विद्यार्थियों के लिए यह नियम सुनिश्चित किया गया था कि वे गुरुकुल में रहकर पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए गुरु जी से ज्ञान और शिक्षा प्राप्त करें। जिससे कि उनका शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास हो सके। 
   आज के समय में गुरुकुल पद्धति से शिक्षा बहुत कम स्थानों पर ही देखने को मिलती है। वहां विद्यार्थी ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं या नहीं, यह भी सुनिश्चित नहीं होता। लेकिन यह सुनिश्चित है कि विद्यार्थियों में आध्यात्मिक ज्ञान और उन्नति के लिए ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए गुरु जी के सानिध्य में शिक्षा प्राप्त करने से जीवन में आसानी से सफलता हासिल की जा सकती है, इस बात में किसी को भी कोई संदेह नहीं होना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

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