आयुर्वेद का मानना है कि मनुष्य के शरीर में होने वाले विभिन्न रोग वात, पित्त और कफ की मात्रा में असंतुलन होने के कारण उत्पन्न होते हैं। चिकित्सा ज्योतिष (मेडिकल एस्ट्रोलॉजी) के अनुसार हमारे सौर मंडल में मौजूद ग्रह भी त्रिदोष उत्पन्न करते हैं, जिससे शरीर में रोग होने लगते हैं। लग्न कुंडली के विश्लेषण से आसानी से रोग व रोग के कारणों का पता लगाया जा सकता है।
चिकित्सा ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रह पित्त दोष, चंद्र ग्रह वात एवं कफ दोष, मंगल ग्रह पित्त दोष, बुध ग्रह वात, पित्त व कफ दोष, बृहस्पति ग्रह कफ दोष और शनि ग्रह वात दोष उत्पन्न करते हैं। त्रिदोषों के अनुसार ही मनुष्य में संबंधित रोग होते हैं। इसलिए रोग निदान एवं शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर से इलाज कराने के साथ-साथ अनुभवी ज्योतिषविद् से भी संपर्क करके ज्योतिषीय उपाय करने चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा
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