ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए अन्य उपायों के साथ साथ सही रत्न धारण करने की सलाह भी दी जाती है। रत्न कई प्रकार के होते हैं जैसे मोती, मूंगा, हीरा, माणिक्य, पन्ना, नीलम, पुखराज, गोमेद और लहसुनिया। इन रत्नों को योग्य एवं अनुभवी ज्योतिष की सलाह के बाद ही धारण करना चाहिए।
रत्न के ज्योतिषीय प्रभाव को देखा जाए तो रत्न तीन तरह से काम करते हैं। अशुभ ग्रहों के असर से जातक को बचाते हैं, कमजोर ग्रहों को मजबूत बनाते हैं और जातक के जीवन में शुभ ग्रहों के भोग में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं। रत्नों के विकल्प के रूप में उप-रत्न भी धारण किए जा सकते हैं। कभी भी अपनी मर्जी से रत्न धारण नहीं करने चाहिए वरना ये नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। --प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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