ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बारह राशियों के स्वामी ग्रहों का संबंध मनुष्य के शरीर के अलग-अलग अंगों से होता है। जो ग्रह अशुभ फल देगा, उससे संबंधित शरीर के अंग में भी कष्ट होने की संभावना रहेगी।
मेष राशि के स्वामी मंगल ग्रह का सीधा संबंध मस्तिष्क के क्रिया-कलापों से होता है। वृष राशि के स्वामी ग्रह शुक्र का संबंध गले से, मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध का संबंध छाती व पेट से और कर्क राशि के स्वामी ग्रह चंद्रमा का संबंध शरीर के पृष्ठ भाग से होता है।
सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य का संबंध ह्रदय, रीढ़ की हड्डी और कोहनी से नीचे के भाग से, कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध का संबंध पेड़, जनन अंग, हाथ, आंत्र व विसर्जन तंत्र से, तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र का संबंध शरीर के पृष्ठ भाग और मूत्राशय तंत्र से और वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल का संबंध पेडू व जनन अंगों से होता है।
धनु राशि के स्वामी ग्रह बृहस्पति ग्रह का संबंध जांघ, नितंब और यकृत से, मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि का संबंध घुटने व हड्डियों से, कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि का संबंध त्वचा और टखनों से और मीन राशि के स्वामी ग्रह बृहस्पति का संबंध पैर व नाड़ी तंत्र से होता है।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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