मंगलवार, 10 जून 2025

बार-बार तेल के उपयोग से बढ़ रहे हैं कैंसर और हृदय रोग के मरीज

              (प्रमोद कुमार अग्रवाल)  

   घर, रेस्टोरेंट, होटल, खाने की स्टॉल आदि में तेल को बार-बार गर्म करके उसमें खाद्य सामग्री बनाने और फिर उनका सेवन करने से कैंसर और हृदय रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके कारण रक्त में कॉलेस्ट्रोल बढ़ने से धमनियां संकुचित होने लगती हैं, जिससे हृदय आघात का खतरा बढ़ जाता है। 

   यह कहना है हृदय रोग विशेषज्ञों का। हृदय रोग और कॉलेस्ट्रोल के बढ़ते मरीजों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और नेशनल चैंबर की संयुक्त बैठक में वक्ताओं ने व्यापारियों को सलाह दी कि खाद्य तेल को अधिकतर तीन बार ही उपयोग में लाया जाए। 
   हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राज कुमार गुप्ता ने बताया कि तेल को बार-बार गर्म करने से पॉलिसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन और एल्डीहाइड जैसे कार्सिनोजेनिक तत्व भी बढ़ जाते हैं। इससे शरीर में सूजन और कैंसर का खतरा अधिक हो जाता है। इसलिए एक बार गर्म किए गए तेल को तीन बार से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। खाद्य सामग्री पकाने के लिए उतना ही तेल लेना चाहिए जितना उस समय के लिए जरूरी हो। 
    सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय शशांक त्रिपाठी ने बताया कि खाद्य सामग्री बनाते समय तेल को अधिकतम तीन बार ही उपयोग में लाना चाहिए। इसके बाद बचे हुए तेल को बायो डीजल बनाने वाली कंपनियों को बेच सकते हैं। अगर कोई खाद्य सामग्री निर्माता ऐसा नहीं करता है तो खाद्य विभाग द्वारा डोम-24 यंत्र के माध्यम से उपयोग में लाए जा रहे तेल की टोटल पोलर कंपाउंड्स (टीपीसी) की जांच की जाएगी। अगर जांच में टीपीसी 25 से अधिक मिला तो मौके पर ही तेल को नष्ट करा दिया जाएगा। 
    मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बैठक में व्यापारियों के तेरह सूत्री सवालों पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में विवेक जैन, संजय गोयल, संजय अग्रवाल, विकास चतुर्वेदी, राजेश अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, प्रवीन गोयल आदि मौजूद रहे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

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