@ किसी भी मकान के मध्य भाग की जगह को ब्रह्म स्थान कहा जाता है। इसलिए इस स्थान को खाली और स्वच्छ रखा जाना आवश्यक माना गया है।
@ जगह की कमी के कारण यदि मकान के बीचों बीच ब्रह्म स्थान रखना संभव नहीं हो तो मकान की उत्तर दिशा या पूर्व दिशा अथवा उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को खाली रखना चाहिए।
@ अगर ब्रह्म स्थान बीच में ऊंचा और चारों ओर नीचा हो तो यह शुभ फलदायी होता है। ब्रह्म स्थान में तुलसी का पौधा लगाया जा सकता है।
@ ब्रह्म स्थान में कोई भी गड्ढा, कुआं, सेफ्टी टैंक या कूड़ादान नहीं होना चाहिए। इससे घर-परिवार में बीमारी, आर्थिक नुकसान, कर्जा होने की संभावना बनी रहती है। --प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु लेखक एवं सलाहकार, आगरा।
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