आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। असुरक्षित संबंध बनाने और संक्रमित सुई से इंजेक्शन लगवाने से ही नहीं बल्कि राह चलते असुरक्षित टैटू बनवाने से भी जानलेवा एड्स हो सकता है। यह बीमारी न सिर्फ युवकों को बल्कि किशोरों को भी हो रही है।
यह कहना है मथुरा के जिला अस्पताल की यौन रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिवानी शर्मा का। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में प्रति माह 25 से 30 नए मरीज एड्स के आ रहे हैं। वर्तमान में मथुरा जिले में दो हजार से ज्यादा एड्स के मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें दो ऐसे भी मरीज हैं जिनकी उम्र पंद्रह और अठारह वर्ष है। एड्स जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए कदम-कदम पर सावधान रहने की जरूरत है।
डॉक्टर शिवानी शर्मा ने बताया कि आमतौर पर एड्स की बीमारी एक से ज्यादा महिलाओं के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित इंजेक्शन और ब्लेड का प्रयोग करने तथा संक्रमित रक्त चढ़ने से हो सकती है, लेकिन इन दिनों युवा पीढ़ी शरीर के किसी भी भाग में असुरक्षित और बिना जांच पड़ताल के टैटू बनवा रहे हैं। इसके कारण भी युवा एड्स की चपेट में आ रहे हैं।
डॉक्टर शर्मा ने बताया कि एड्स से बचने के लिए युवाओं को जांच पड़ताल के बाद ही शरीर के किसी भी भाग में टैटू बनवाना चाहिए। राह चलते टैटू बनवाने से बचने की जरूरत है। अगर जांच में एड्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो बिना घबराए और शर्माए जल्द से जल्द एचआईवी का इलाज शुरू कर देना चाहिए। सही तरीके से और समय पर दवाओं के सेवन से एड्स के वायरस को आगे फैलने से रोका जा सकता है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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