मंगलवार, 29 अक्टूबर 2024

तीन गुणों के अनुसार मनुष्य की मृत्यु के बाद गति

श्रीमद्भगवद्गीता के चौदहवें अध्याय के श्लोक संख्या चौदह और पंद्रह के अनुसार मनुष्य की मृत्यु के बाद उसकी गति उसके तीन गुणों के अनुसार ही निर्धारित होती है, जो इस प्रकार है : 

@ सत्वगुण वाला मनुष्य मृत्यु के बाद पुण्यात्माओं को प्राप्त होने वाले उत्तम यानि निर्मल लोक में जाता है। 

@ रजोगुण वाला मनुष्य मृत्यु के बाद दोबारा मनुष्य योनि में जन्म लेता है। 

@ तमोगुण वाला मनुष्य मृत्यु के बाद पशु, पक्षी, कीट, पतंगे आदि की मूढ़ योनियों में जन्म लेता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 

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