वास्तु नियम के अनुसार भवन की उत्तर पूर्व विदिशा को ईशान कोण कहा गया है। इस जगह किचन होना वास्तु दोष है। जिससे घर में अनावश्यक कलह और धन की हानि देखने को मिलती है।
इस दोष के निवारण के लिए किचन में गैस और चूल्हे को किचन की दक्षिण पूर्व विदिशा यानि आग्नेय कोण में रख देना चाहिए। साथ ही किचन का काम पूरा होने के बाद तांबे के एक बर्तन में पानी भरकर आग्नेय कोण में रख देना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु सलाहकार एवं लेखक, आगरा।
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