@ वास्तु के अनुसार ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) के देवता ईश अर्थात भगवान शिव और स्वामी ग्रह गुरु यानि बृहस्पति देव हैं। इसलिए ईशान कोण में पूजा स्थल या मंदिर बना कर पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।
@ ईशान कोण में टॉयलेट, किचन, ओवर हैड टैंक, सेफ्टी टैंक, स्टोर, ऊंचा निर्माण, गंदगी, कबाड़ घर आदि नहीं होना चाहिए वरना आय में कमी, परिवार में कलह, मानसिक व शारीरिक रोग आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
@ घर में वास्तु दोष के कारण अगर परिवार के मुखिया को किसी तरह का शारीरिक या मानसिक कष्ट हो तो निवारण के लिए श्रावण मास के किसी भी सोमवार को सात मुखी रुद्राक्ष की माला धारण की जा सकती है।
@ फैक्ट्री, दुकान, व्यवसाय आदि में अपेक्षित लाभ न हो तो पूर्व दिशा की तरफ भूमि में चांदी का बना एक सर्प सोमवार के दिन दबा देना चाहिए और नियम पूर्वक सुबह व शाम भगवान शिव, देवी पार्वती, गणेश और महालक्ष्मी जी की आराधना करनी चाहिए।--प्रमोद कुमार अग्रवाल, वास्तु आचार्य एवं ज्योतिष-वास्तु लेखक, आगरा।
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