शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024

काम के दौरान पांच मिनट का ब्रेक मस्तिष्क को रखेगा फिट

आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। कार्य स्थल पर कर्मचारियों से दुर्व्यवहार और काम के अत्यधिक दबाव के चलते मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर इस बार 'कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का समय' थीम रखी गई है। 

   एसएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर विशाल सिन्हा ने बताया कि लगातार कार्य करने, वेतन संबंधी विसंगतियां, क्षमता से अधिक कार्य और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार जैसे कारणों की वजह से कर्मचारियों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। जिससे उनमें तनाव, चिड़चिड़ापन और कार्य क्षमता में कमी आने के लक्षण देखने को मिलते हैं। 

    डॉक्टर सिन्हा ने बताया कि कर्मचारियों को लगातार कार्य करने की बजाय हर 45 मिनट तक काम करने के बाद 5 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। इसके अलावा कर्मचारी अपने सहकर्मी से भी बातचीत कर सकते हैं। 

    मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक डॉक्टर दिनेश राठौर ने बताया कि काम के दौरान अत्यधिक तनाव व्यक्ति के कार्य करने और सोचने की क्षमता को प्रभावित करता है। अगर कोई कर्मचारी गुमसुम है, गुस्सा अधिक करता है या फिर उसके व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है, तो उसकी काउंसलिंग कराएं। इसके लिए संस्थान में 14416 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। 

    डॉक्टर राठौर ने बताया कि कर्मचारियों को कार्य की महत्ता को समझते हुए कार्य की प्राथमिकता तय करनी चाहिए। कार्यस्थल पर कोई ऐसा दोस्त अवश्य बनाएं, जिससे सभी बातें शेयर की जा सकें। रोजाना कम से कम आधा घंटा योग, प्राणायाम और ध्यान की आदत डालें। कर्मचारियों से अच्छा व्यवहार हो और सभी कर्मचारी अपने सहकर्मियों से अच्छे संबंध बनाएं। ऐसा करने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

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