आगरा (प्रमोद कुमार अग्रवाल)। जनपद के 252 गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाए जाने के लिए जिला पंचायत राज विभाग द्वारा एक प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को भेजा गया है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई तो प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये की लागत आएगी। गांव के बच्चों को भी ई-बुक पढ़ने का मौका मिल सकेगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत होने के बाद ग्राम पंचायत निधि से इनमें विस्तार किया जा सकेगा। डिजिटल लाइब्रेरी बनने में चार लाख रुपये की लागत आएगी जिसमें दो लाख रुपये फर्नीचर का खर्च भी शामिल है। बच्चों के पढ़ने और बैठने के लिए फर्नीचर होगा। साथ ही दो लाख रुपये की पुस्तकों की खरीद भी की जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि पंचायत स्तर पर बनने वाली डिजिटल लाइब्रेरी में पुस्तकों के साथ साथ ई-बुक को बढ़ावा दिया जाएगा। इंटरनेट और अन्य संसाधनों से डिजिटल लाइब्रेरी को सुसज्जित किया जाएगा। पुस्तकों की खरीद में संस्कृति, इतिहास, तकनीकी शिक्षा और कौशल से संबंधित पुस्तकों पर ज्यादा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी बनने से गांवों की प्रतिभाओं को स्वाध्याय के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। गांवों में रहकर ही वे अपना ज्ञानवर्धन कर सकेंगे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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