उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक डॉक्टर देवेश चतुर्वेदी द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब प्रदेश के सरकारी कार्मिकों की शिकायत करने वालों से शिकायत के संबंध में शपथपत्र लिया जाएगा और शिकायत की पुष्टि के लिए समुचित साक्ष्य भी मांगे जाएंगे।
आदेश के अनुसार अगर विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा सरकारी कार्मिकों की शिकायत की जाती है तो पत्र भेज कर यह पुष्टि की जाएगी कि शिकायती पत्र पर उनके ही हस्ताक्षर हैं तथा शिकायत तथ्यों पर आधारित है। इसके बाद ही मामले की जांच शुरू होगी।
वहीं दूसरी ओर अगर विशिष्ट व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की शिकायत को अग्रसारित करते हैं तो ऐसे शिकायतकर्ता से भी शपथपत्र के साथ समुचित साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा जाएगा। सांसद विधायक और संवैधानिक निकायों के अध्यक्ष विशिष्ट व्यक्ति की श्रेणी में आएंगे।-- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें