भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भी मनुष्य पूर्ण श्रृद्धा भाव के साथ उनकी भक्ति करता है, उन्हें प्रेम से पुष्प, फल, तुलसी दल, जल, भोजन आदि अर्पित करने के बाद खुद ग्रहण करता है और संसार के हर प्राणि के अंदर मुझे महसूस करता है, वही मेरा सच्चा भक्त है। मृत्यु के बाद ऐसा भक्त आध्यात्मिक आकाश में मुझे प्राप्त करके बार-बार जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त हो जाता है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।
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