सोमवार, 5 अप्रैल 2021

सेहत के लिए योग और प्राणायाम

 मनुष्य के शरीर के विभिन्न अंगों के सुचारू रूप से काम करने के लिए ऑक्सीजन की समुचित मात्रा का होना आवश्यक है। सामान्य अवस्था में मनुष्य के सांस लेने और छोड़ने की जो गति होती है, उससे शरीर को केवल जरूरत की ऑक्सीजन ही मिल पाती है। जबकि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अधिक ऑक्सीजन का शरीर में पहुंचना अनिवार्य माना जाता है। शरीर में ऑक्सीजन की भरपूर आपूर्ति होने से सभी अंग अच्छे ढंग से काम करते हैं और आसानी से रोगग्रस्त नहीं होते। 

   नियमित रूप से योग और प्राणायाम करते रहने से शरीर में ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है जिससे शरीर के सभी अंग रोगमुक्त बने रहते हैं, यह बात चिकित्सा वैज्ञानिकों और योगाचार्यों द्वारा प्रमाणित की जा चुकी है। योग और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से शरीर में ऑक्सीजन की संतुलित आपूर्ति होती है और कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। 

   शरीर में ऑक्सीजन की ज्यादा आपूर्ति के लिए जिन प्राणायामों को मुख्य रूप से नियमित करने की संस्तुति की गई है, वे हैं: भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाति प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भ्रामक प्राणायाम और नाड़ी शोधन प्राणायाम। इन प्राणायामों को विधिपूर्वक और योग्य एवं अनुभवी योगाचार्य के निर्देशन में ही करना चाहिए क्योंकि कुछ दशाओं में इन प्राणायामों को करने की मनाही है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा। 


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