सोमवार, 15 मार्च 2021

हथेलियों का दर्शन होता है मंगलकारी

प्रातः जागते ही अपनी दोनों हथेलियों का दर्शन करने को ज्योतिष शास्त्र में मंगलकारी माना गया है। सामुद्रिक शास्त्र (हस्तरेखा विज्ञान) के अनुसार मनुष्य के हाथ में मातृ रेखा, पितृ रेखा और आयु रेखा सबसे महत्वपूर्ण होती हैं। ये तीनों रेखाएं क्रमशः पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती माता का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसलिए जो लोग प्रातः अपनी हथेलियों का दर्शन करते हैं, उन्हें त्रिवेणी दर्शन का शुभ फल स्वत: ही प्राप्त हो जाता है। 

    सामुद्रिक शास्त्र में यह भी कहा गया है कि हथेलियों में पितृ रेखा के स्वामी ब्रह्मा जी, मातृ रेखा के स्वामी विष्णु जी और आयु रेखा के स्वामी शिव जी हैं। प्रातःकाल हथेलियों के दर्शन मात्र से ही इन तीनों देवताओं की कृपा भी मिलती है। देवताओं की कृपा पाने के लिए प्रातः उठकर सबसे पहले अपनी हथेलियों का दर्शन अवश्य करना चाहिए। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, आगरा।

   

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