बुधवार, 15 अक्टूबर 2025

हथेली में होते हैं बहुत से चिह्न

हस्तरेखा लक्षण शास्त्र के अनुसार स्त्री एवं पुरुष जातकों के हाथों की हथेलियों में बहुत से चिह्न या आकृतियां होती हैं। इनमें कुछ चिह्न आसानी से देखे जा सकते हैं, जबकि कुछ चिह्न ऐसे सूक्ष्म भी होते हैं जिन्हें देखने के लिए हैंड लैंस का उपयोग किया जाता है। हस्तरेखाविद हथेली की विभिन्न रेखाओं और इन चिह्नों के आधार पर जातक के बारे में भविष्यवाणी करते हैं। 

    स्त्री और पुरुष जातकों की हथेली में प्रमुख रूप से तारा चिह्न, यव चिह्न, क्रॉस चिह्न, जाल चिह्न, त्रिभुज, वृत्त व चतुष्कोण चिह्न, त्रिशूल चिह्न, मछली चिह्न, तिल या काले रंग का चिह्न, मंदिर चिह्न, अंगुलियों व अंगूठों में शंख या चक्र चिह्न, गज या अश्व चिह्न, स्वस्तिक चिह्न, माला चिह्न, छत्र या चामर चिह्न, पद्म चिह्न, ध्वज चिह्न, माला चिह्न, मगर चिह्न आदि देखे जा सकते हैं। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

आगरा मंडल में खुलेंगे नए आधार केंद्र

 प्रमोद कुमार अग्रवाल

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा आगरा की तरह आसपास के जिलों में नए आधार केंद्र खोले जाने की कवायद की जा रही है। इन केंद्रों के खुलने के बाद आगरा में आधार कार्ड के काम के लिए बाहर से आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 

    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के प्रवक्ता अकरम ने बताया कि मौजूदा समय में आगरा के आसपास के जिलों मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, हाथरस, अलीगढ़ आदि जनपदों से लोग आधार कार्ड बनवाने और उसमें संशोधन कराने के लिए आगरा में आते हैं। अब इन जिलों में भी नए आधार केंद्र खोले जाने के लिए कोशिश की जा रही है। 

     उन्होंने बताया कि आगरा में खंदारी स्थित आधार केंद्र पर प्रतिदिन एक हजार लोगों के लिए आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने की सुविधा है। आसपास के जिलों से भी लोग आधार कार्ड के कार्य के लिए आगरा आते हैं। इस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को परेशानी से बचाने के लिए जल्द ही आगरा के आसपास के जिलों में भी आधार केंद्र खोले जाएंगे। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

शनिवार, 11 अक्टूबर 2025

विदेशी कोच से सीखेंगे पेंचक सिलाट की बारीकी

प्रमोद कुमार अग्रवाल 

भारतीय खिलाड़ियों को पेंचक सिलाट की तैयारी में नई दिशा देने के लिए श्रीनगर में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू हो रहा है। इस शिविर में इंडोनेशिया से बुलाए गए विशेषज्ञ कोच अगले तीन महीने तक खिलाड़ियों को एडवांस तकनीक की ट्रेनिंग देंगे। इस ट्रेनिंग के बाद भारतीय खिलाड़ी खेल में सुधार करके अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। 

    आगरा पेंचक सिलाट एसोसिएशन की सचिव डॉक्टर किरण कश्यप ने बताया कि यह शिविर भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। चूंकि इंडोनेशिया को पेंचक सिलाट का गढ़ माना जाता है, इसलिए वहां से आए कोच खिलाड़ियों को नई तकनीक और रणनीति अपनाने के लिए ट्रेनिंग देंगे। आगरा से बारह खिलाड़ियों का चयन इस ट्रेनिंग के लिए हुआ है। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

आगरा के जिला अस्पताल में बनेगी क्रिटिकल केयर यूनिट

प्रमोद कुमार अग्रवाल

आगरा के जिला अस्पताल में अब गंभीर और अति गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण होने जा रहा है। इसमें 50 बेड होंगे। हर बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका निर्माण राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत किया जाएगा। 

   जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राजेंद्र अरोड़ा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाएं विकसित की जा रही हैं। इसके तहत क्रिटिकल केयर यूनिट का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। अगले महीने से जिला अस्पताल में आश्रय स्थल के पास पांच मंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 

    डॉक्टर अरोड़ा ने बताया कि यह कार्य 18 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। क्रिटिकल केयर यूनिट में किडनी, लिवर,,हृदय और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकेगा। यूनिट में वेंटीलेटर के साथ साथ डॉक्टर के चेंबर, रिसेप्शन समेत अन्य सुविधाएं होंगी। यूनिट के लिए शासन द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी की जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 

प्रदूषण नियंत्रण के लिए आगरा में ग्रैप लागू

प्रमोद कुमार अग्रवाल 

ताज नगरी आगरा में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण हेतु ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, क्षेत्रीय परिवहन विभाग और आगरा विकास प्राधिकरण समेत विभिन्न विभाग सक्रिय हो गए हैं। 

   प्रदूषण का स्तर बढ़ने वाले कारणों को दूर करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। निर्माण स्थलों को कवर करने के साथ ही पानी की लगातार बौछार करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से अधिक होने पर ग्रैप-एक लागू करके सख्ती बढ़ाई जाएगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि 200 से ऊपर वायु गुणवत्ता सूचकांक होने पर सभी विभाग प्रदूषण नियंत्रण के लिए सक्रिय हो जाते हैं। 

  उन्होंने बताया कि दीपावली के त्योहार को देखते हुए शहर की हवा में प्रदूषण के कणों की मात्रा न बढ़े, लोगों को सांस लेने में दिक्कत न हो और आंखों में जलन की परेशानी न हो, इसके लिए ग्रैप के तहत सख्ती करने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिए गए हैं। शहर में धूल उड़ना, कूड़ा जलाना और अव्यवस्थित निर्माण होने से वायुमंडल में वायु गुणवत्ता सूचकांक में वृद्धि होने की संभावना बनी रहती है। इस समस्या पर रोक लगाने के लिए सख्ती की जाएगी। (न्यूज़लाइन ब्यूरो) 



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