(प्रमोद कुमार अग्रवाल)
सूरज की तपिश और गर्म हवाओं के चलते लोगों को पेट में दर्द, उल्टी, दस्त, चक्कर आना जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। ऐसे मौसम में सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी प्रभारी डॉक्टर मनीष बंसल ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में खानपान के मामले में लापरवाही बरतने पर डायरिया और फूड पॉयजनिंग के मरीजों की संख्या बढ़ी है। गर्मी के चलते ब्लडप्रेशर में उतार चढ़ाव होने से घबराहट और चक्कर आने की परेशानी मिल रही है। दस्त होने से शरीर में पानी की कमी के मरीज भी आ रहे हैं।
इमरजेंसी प्रभारी ने बताया कि जो लोग बाहर का दूषित खाना खा रहे हैं, उनमें उल्टी, दस्त और बुखार के लक्षण नजर आ रहे हैं। खासकर बच्चों में इसका ज्यादा असर मिल रहा है। ऐसे में लोगों को सेहत के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। गर्मी के असर से बचने के लिए धूप में निकलते समय सिर को सूती कपड़े से ढककर निकलें। टाइट कपड़े पहनने के बजाय ढीले कपड़े पहनें।
डॉक्टर बंसल ने बताया कि गर्मी के मौसम में चाय, कॉफी, एल्कोहल, कोल्ड ड्रिंक, तंबाकू के सेवन से परहेज करें। तला हुआ और बाजार का अपदूषित भोजन न करें। तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा, प्याज, टमाटर, सलाद, संतरा, नारियल पानी, अंगूर, पपीता, रसबरी आदि का भरपूर सेवन करें। दोपहर के समय घर से बाहर जाने से बचें। दिन भर में चार से पांच लीटर पानी पिएं। (न्यूज़लाइन ब्यूरो)
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