शनिवार, 3 अगस्त 2024

द्वार वेध से हो सकती हैं स्वास्थ्य समस्याएं

 वास्तु शास्त्र के अनुसार भवन के मुख्य द्वार के समक्ष बड़े पेड़, खंबा, कुआं, किसी देवता का मंदिर, सदैव पानी बहना और कीचड़ का रहना द्वार वेध माना गया है। इसके अलावा भवन के मुख्य द्वार पर मार्ग का सीधे आकर समाप्त होना भी द्वार वेध कहलाता है। 

    भवन में द्वार वेध होने से शारीरिक व मानसिक रोग, धन की बरबादी, बच्चों के विकास में बाधा, परिवार में शोक और कई अन्य समस्याओं के आने की संभावना बनी रहती है। निवारण के लिए द्वार वेध को हटाया जाना ही सर्वश्रेष्ठ उपाय है। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु लेखक एवं सलाहकार, आगरा। 

जनपद न्यायालय आगरा में 22 फरवरी को लगेगा वृहद विधिक साक्षरता सेवा शिविर

                        प्रमोद कुमार अग्रवाल   राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ क...