वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के अंदर पूर्व या उत्तर दिशा में बाथरूम (केवल नहाने के लिए), लैट्रीन (शौचालय) पश्चिम या वायव्य कोण से हटकर उत्तर में या दक्षिण दिशा में बनवा सकते हैं। बाथरूम व लैट्रीन, दोनों एक साथ पश्चिमी वायव्य कोण व पूर्वी आग्नेय कोण में बनाए जा सकते हैं। -- प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिष-वास्तु लेखक एवं सलाहकार, आगरा।
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